मंगलवार, 9 जून 2015

क्या करेगी जन्म ले बेटी .....


Image result for free image of sad bitiya

क्या करेगी जन्म ले बेटी यहाँ
साँस लेने के काबिल फिजा नहीं ,
इस अँधेरे को जो दूर कर सके
ऐसा एक भी रोशन दिया नहीं !
............................................................
क्या करेगी तरक्की की सोचकर
तेरे लिए ये जहाँ बना नहीं ,
हौसलों को तेरे जो पर दे सके
ऐसा दिलचला कोई मिला नहीं !
........................................................
क्या करेगी सोच साथ देने की
तेरी नहीं कोई ज़रुरत यहाँ ,
कद्र जो तेरी मदद की कर सके
ऐसा कदरदान है हुआ नहीं  !
..........................................................
क्या करेगी उनके ग़मों को बांटकर
तुझसे साझा उन्होंने किये नहीं ,
सह रही जो सदियों से तू आज तक
उनका साझीदार है यहाँ नहीं  !
.......................................................
''शालिनी''ही क्या अनेकों बेटियां
बख्तरों में बंद हो आई यहाँ ,
मुजरिमों की जिंदगी क्यूं है मिली
इसका खुलासा कभी किया नहीं !
.................................................
शब्दार्थ -दिलचला-दिलेर ,साहसी .बख्तर-लोहे का कवच .
शालिनी कौशिक
[कौशल ]

5 टिप्‍पणियां:

Arshiya Ali ने कहा…

सचमुच बहुत ज्वलंत प्रश्न। समाज को इसका उत्तर खोजना ही होगा।
............
लज़ीज़ खाना: जी ललचाए, रहा न जाए!!

Dilbag Virk ने कहा…

आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 11 - 06 - 2015 को चर्चा मंच पर बरसों मेघा { चर्चा - 2003 } में दिया जाएगा
धन्यवाद

रश्मि शर्मा ने कहा…

बि‍ल्‍कुल सही लि‍खा है..;बेटि‍यों के लि‍ए अब भी खुला आसमान नहीं है।

Madan Mohan Saxena ने कहा…

भावपूर्ण प्रस्तुति.

dj ने कहा…

बहुत भावनात्मक एवं सार्थक प्रस्तुति

न भाई ! शादी न लड्डू

  ''शादी करके फंस गया यार ,     अच्छा खासा था कुंवारा .'' भले ही इस गाने को सुनकर हंसी आये किन्तु ये पंक्तियाँ आदमी की उ...