मात-पिता का संग मिले , -मात-पितृ दिवस की शुभकामनायें

मात-पिता का संग मिले ,  -मात-पितृ दिवस की शुभकामनायें 

पुण्योदय उस जीव का जग में,मात-पिता का संग मिले ,
पुण्यभूमि वह गृह धरा पर ,जिसमे इनका संग मिले .
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मात-पिता ही सदा मनाएं ,संतानों के उत्सव को ,
पुण्योत्सव तो वही कहाए ,इनकी खुशियाँ संग मिलें .
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पुण्यार्थ संतानें करती ,अनगिन कर्म ज़माने में ,
आदर दें इच्छा को इनकी ,पुण्य सच्चा संग मिले .
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पुण्यशील संतान वही है ,माने न जो बोझ इन्हें ,
कर्तव्य न प्रभु का वर है ,जिनको इनका संग मिले .
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श्रवण कुमार से तुलना मत कर ,राम न बनने की कोशिश ,
साधारण सी ख़ुशी ही दे दे ,पुलकित इनका संग मिले .
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मात-पिता जो देते हमको ,दे न सकेंगे कभी भी हम ,
थोडा दें एहसास साथ का ,पूरा इनका संग मिले .
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करे स्मरण आज ''शालिनी ''करे नमन इन चरणों में ,
धन्य तभी इस धरा पे जीवन ,हमको इनका संग मिले .
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                                   शालिनी कौशिक
                                             [कौशल ]


टिप्पणियाँ

रविकर ने कहा…
आभार इस सुन्दर प्रस्तुति पर-
सादर नमन-
बहुत बहुत शुभकामनाएं.
आपकी रचना पढकर मुझे जानकारी हुई..
आभार
Dr. sandhya tiwari ने कहा…
बहुत सुंदर...............
Ramakant Singh ने कहा…
बहुत बहुत शुभकामनाएं.
सुन्दर रचना, सबको शुभकामनायें।

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