रविवार, 19 जून 2011

''रिश्ते''







कभी हमारे मन भाते हैं,
     कभी हैं इनसे दिल जलते,
कभी हमें ख़ुशी दे जाते हैं,
      कभी हैं इनसे गम मिलते,
कभी निभाना मुश्किल इनको,
     कभी हैं इनसे दिन चलते,
कभी तोड़ देते ये दिल को,
      कभी होंठ इनसे हिलते,
कभी ये लेते कीमत खुद की,
      कभी ये खुद ही हैं लुटते,
कभी जोड़ लेते ये जग को,
     कभी रोशनी से कटते,
कभी चमक दे जाते मुख पर,
     कभी हैं इनसे हम छिपते,
कभी हमारे दुःख हैं बांटते,
     कभी यही हैं दुःख देते,
इतने पर भी हर जीवन के प्राणों में ये हैं बसते,
और नहीं कोई नाम है इनका हम सबके प्यारे''रिश्ते''
                   शालिनी  कौशिक 


17 टिप्‍पणियां:

रविकर ने कहा…

कभी हमारे दुःख हैं बांटते,
कभी यही हैं दुःख देते,
इतने पर भी हर जीवन के प्राणों में ये हैं बसते,|\

कुछ रिश्तों के बिन,
जीना मुश्किल |
कुछ रिश्तों के संग
अकुलाये दिल ||

रविकर ने कहा…

कभी हमारे दुःख हैं बांटते,
कभी इनके कारन हम दुःख काटते,
इतने पर भी हर जीवन के प्राणों में ये हैं बसते,|

ये रिश्ते हमें भी अपनी कसौटी पर हैं कसते ||

कुछ रिश्तों के बिन,
जीना मुश्किल |
कुछ रिश्तों के संग
अकुलाये दिल ||

रविकर ने कहा…

कभी हमारे दुःख हैं बांटते,
कभी इनके कारन हम दुःख काटते,
इतने पर भी हर जीवन के प्राणों में ये हैं बसते,|

ये रिश्ते हमें भी अपनी कसौटी पर हैं कसते ||

कुछ रिश्तों के बिन,
जीना मुश्किल |
कुछ रिश्तों के संग
अकुलाये दिल ||

Anita ने कहा…

सचमुच कभी खुशी कभी गम, यही तो है रिश्तों की कहानी, मन को छूने वाली सुंदर कविता !

सदा ने कहा…

वाह ... बहुत ही अच्‍छी प्रस्‍तुति ।

Swarajya karun ने कहा…

मानव जीवन में रिश्तों की अहमियत बताती मानवीय भावनाओं की सुंदर अभिव्यक्ति. अच्छी लगी यह कविता . आभार.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

इतने पर भी हर जीवन के प्राणों में ये हैं बसते,
और नहीं कोई नाम है इनका हम सबके प्यारे''रिश्ते''...
--
बहुत उम्दा!

sm ने कहा…

beautiful poem

Udan Tashtari ने कहा…

बहुत सुंदर.

S.N SHUKLA ने कहा…

rishton par sateek rachana.

ZEAL ने कहा…

कभी तोड़ देते ये दिल को,
कभी होंठ इनसे हिलते,
कभी ये लेते कीमत खुद की,
कभी ये खुद ही हैं लुटते,
कभी जोड़ लेते ये जग को,
कभी रोशनी से कटते,...

Awesome !

Wonderful creation Shalini ji .

.

mahendra srivastava ने कहा…

बहुत सुंदर..

LAXMI NARAYAN LAHARE ने कहा…

शालिनी जी सप्रेम अभिवादन ...
बहुत सुन्दर अभिब्यक्ति ....

Suman ने कहा…

शालिनी जी,
बहुत सुंदर रचना !

आशुतोष की कलम ने कहा…

रिश्तो का तानाबाना भी कुछ इस प्रकार का है..
भावात्मक प्रस्तुति

Sawai SIingh Rajpurohit ने कहा…

कभी हैं इनसे दिल जलते,कभी हमें ख़ुशी दे जाते हैं, कभी हैं इनसे गम मिलते,कभी निभाना मुश्किल इनको,

बहुत ही सुन्दर,शानदार और उम्दा प्रस्तुती!

रेखा ने कहा…

रिश्ते तो संवेदनशील होते ही हैं.

संभल जा रे नारी ....

''हैलो शालिनी '' बोल रही है क्या ,सुन किसी लड़की की आवाज़ मैंने बेधड़क कहा कि हाँ मैं ही बोल रही हूँ ,पर आप ,जैसे ही उसने अपन...