बुधवार, 22 जून 2011

एक उसी लम्हे का ख्याल रह गया..

मुस्कुरा कर कहा उसने एक बार जो,
     सुनते ही दिल मेरा बाग-बाग हो गया.
कोई और चाह न रही मन में,
     एक उसी लम्हे का ख्याल रह गया.

भूली कितना गम सहा मेरे मन ने,
     शब्द सुनते ही यहाँ  दिल रम गया.
कोई और चाह न रही मन में,
     एक उसी लम्हे का ख्याल रह गया.

हमने चाहा उनसे मिलकर कुछ कहें,
     पास उनके जिंदगी भर हम रहें.
सोचते ही सोचते दिल थम गया,
     एक उसी लम्हे का ख्याल रह गया.
                     साभार गूगल 
                                      शालिनी कौशिक 

23 टिप्‍पणियां:

DR. ANWER JAMAL ने कहा…

ख़ुदा ख़ैर करे, ऐसा क्या सुन लिया है आपने ?
रचना अच्छी है।
http://auratkihaqiqat.blogspot.com/

Pankaj Dwivedi ने कहा…

khoobsurat kavita. Kabhi-Kabhi ik lamha saari zindagi ko khoobsurat bana deta ha. thank you such good words.

kshama ने कहा…

हमने चाहा उनसे मिलकर कुछ कहें,
पास उनके जिंदगी भर हम रहें.
सोचते ही सोचते दिल थम गया,
एक उसी लम्हे का ख्याल रह गया.
Badahee manbhavan likhtee hain aap!

जीवन का उद्देश ने कहा…

हृदय को छू लेने वाली कविता। धन्वाद स्वीकार करें,

डॉ॰ मोनिका शर्मा ने कहा…

Bahut Sunder....

Sunil Kumar ने कहा…

प्यार में हर एक बात अच्छी लगती है काश ! वह लम्हा ठहर जाता ....

रविकर ने कहा…

हमने चाहा उनसे मिलकर कुछ कहें,
पास उनके जिंदगी भर हम रहें.

सोचते ही रह गए --
कुछ तो कहना ही था--
कम से कम सामने वाले--
बन्दे को भी तसल्ली मिल जाती
चैन मिल जाता ||

भाई, ये ठीक बात नहीं है |

आप तो सुन कर खिसक लिए ||
कहीं ऐसा न हो
आपके कुछ कहे बगैर
वो बेचारा--
जज्बातों का मारा --
जीवन भर
सिसक-सिसक जिए |
आप ऐसा क्यूँ किये ||
आभार, बढ़िया

सुन्दर-सुन्दर-सुन्दर भाई|

उत्तम-उत्तम-उत्तम भाई ||

सुन्दर भाई -उत्तम भाई-

मस्त बनाई -मस्त लिखाई||

एस.एम.मासूम ने कहा…

हमने चाहा उनसे मिलकर कुछ कहें,
पास उनके जिंदगी भर हम रहें.
सोचते ही सोचते दिल थम गया,
एक उसी लम्हे का ख्याल रह गया
.
बहुत खूब कहा है

शारदा अरोरा ने कहा…

badhiya ji badhiya ..

smshindi By Sonu ने कहा…

बहुत हि शानदार पस्तुति शालिनी कौशिकजी,

शिखा कौशिक ने कहा…

बहुत सुन्दर मनोभावों को अभिव्यक्त किया है आपने .बधाई

रेखा ने कहा…

सोचते ही सोचते दिल थम गया,
एक उसी लम्हे का ख्याल रह गया
बहुत सुन्दर रचना ...

mahendra srivastava ने कहा…

वाह. बहुत सुंदर

Gopal Mishra ने कहा…

अच्छी रचना की है आपने . keep it up.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

आपकी इस उत्कृष्ट प्रवि्ष्टी की चर्चा आज शुक्रवार के चर्चा मंच पर भी की गई है!

sushma 'आहुति' ने कहा…

bhut hi khubsurat rachna...

Sawai Singh Rajpurohit ने कहा…

बहुत खूब रचना

दिगम्बर नासवा ने कहा…

कभी कभी एक लम्हा ही जिंदगी बन जाता है ... उसी पल पसी लम्हें मे सब कुछ सिमित आता है ...

neelima garg ने कहा…

कोई और चाह न रही मन में,
एक उसी लम्हे का ख्याल रह गया...very nice..

JALES MEERUT ने कहा…

वो बात जिसका सारे फ़साने में कोई जिक्र न था,
वो बात उन्हें बहुत नागवार गुजरी है |

daanish ने कहा…

ik lamhaa
aur
zindgi bhar ka hisaab....... !!

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

बहुत सुन्दर ...खूबसूरत लम्हे का ख्याल मन में बसाए हुए ..अच्छी रचना

Anita ने कहा…

वह कहते हैं न कि प्यार की एक नजर ही काफ़ी है ..... दिल तक पहुंचने वाली रचना!

शत शत नमन शंकर दयाल शर्मा जी को

विकिपीडिया से साभार   आज जन्मदिन है देश के  नौवें राष्ट्रपति  डाक्टर शंकर दयाल शर्मा जी का और वे सदैव मेरे लिए श्रद्धा के पात्र रहेंगे...