शुक्रवार, 25 अप्रैल 2014

वोट आपको देना मतलब गले लगाना पाप को .


चले मियां जी हाथ में लेकर फूलों की कई माला ,
पीछे-पीछे सब घरवाले ,हर एक मोहल्ले वाला ,
देख के इतनी भीड़भाड़ को भाग के पूछें लाला
पहना है किस खुशी में तुमने अचकन शेखों वाला .
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लाला को आते जो देखा भीड़ ने शोर मचाया ,
ज़िंदाबाद के नारे कहकर हल्ला खूब मचाया ,
लाला जी लो हमको देख के समझ न तुमको आया
तुम्हरे दल का नेता भरने नाम यहाँ है आया .
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पर आप चले क्यूँ शेख जी ऐसे ढोल तमाशे लेकर ,
ये नेता तो आप सभी से चले दूर ही हटकर ,
आप सभी का बुरा किया है इसने आगे बढ़कर
इसी नाम पर वोट हमारी जाती इसको छनकर.
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मूंछ उमेठे हँसे मियां तब लाला जी से बोले ,
मेरी बात को जरा गौर से सुनना कान को खोले ,
नहीं अगर हम शामिल होंगें इसका खून ही खौले
पीछे पड़ेगा घर आ -आकर हमरी नबज़ टटोले .
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वोे हमें है देना अपने कर्मठ उम्मीदवार को ,
इससे पीछा अभी छुड़ाके देखें अपने यार को ,
कहने चले ये माला लेके ,ये दे सकते आप को
वोट आपको देना मतलब गले लगाना पाप को .
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शालिनी कौशिक
[कौशल ]

2 टिप्‍पणियां:

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
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आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल शनिवार (26-04-2014) को ""मन की बात" (चर्चा मंच-1594) (चर्चा मंच-1587) पर भी होगी!
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सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

Basant Khileri ने कहा…

आपकि बहुत अच्छी सोच है, और बहुत हि अच्छी जानकारी।
जरुर पधारे HCT- Hindi Computer Tips

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