रविवार, 27 अप्रैल 2014

मीडिया कॉर्पोरेट घरानों को बिका

 अब आई कांग्रेस को मिडिल क्लास की याद 
लोकसभा चुनाव २०१४ का निर्णय अभी आना शेष है किन्तु  जिस तरह से मीडिया द्वारा कांग्रेस विरोधी और मोदी के पक्ष में प्रचार किया जा रहा है उससे ये तो साफ़ हो ही गया है कि इस बार के चुनाव केवल और केवल मीडिया ही लड़ रहा है कभी भी कहीं भी राहुल गांधी जी की रैलियों की सफलता का कोई ब्यौरा समाचारपत्रों की सुर्खियां नहीं बनता और मोदी जी के हर स्थान के भाषण को पूरे विवरण देकर प्रकाशित किया जाता है .दूरदर्शन पर साफ तौर पर दिखाया जाता है कि राहुल गांधी के लखनऊ दौरे में लोगों का हुजूम उनके साथ था किन्तु समाचार पत्र कहते हैं कि राहुल भीड़ न देख कर निराश हुए जबकि कहीं से लेकर कहीं तक भी राहुल गांधी के चेहरे पर निराशा के भाव नज़र नहीं आते .आज के समाचार पत्रों की सुर्खियां बनी है एक खबर कि ''कांग्रेस के चुनाव प्रचार अभियान में मिडिल क्लास गायब, नेता नाखुश  '' और इस समाचार से मीडिया क्या दिखाना चाहता है यह खुलकर सामने आ रहा है क्योंकि दूरदर्शन जो कि देश का सबसे ज्यादा प्रसार पाने वाला चैनल है उस पर आरम्भ से ही जिस वर्ग से जुड़े कॉंग्रेस के विज्ञापन आ रहे हैं वह मध्यवर्ग ही है .''दस सालों में हुई प्रगति ,हसीबा अमीन के विज्ञापन और अब मेरा वोट कांग्रेस को ''ये सभी विज्ञापन कांग्रेस को मध्यवर्ग से जोड़ते हैं फिर क्यूँ भ्रामक प्रचार द्वारा मीडिया कांग्रेस से जनता को तोड़ने की नाकाम कोशिश कर रहा है .मीडिया भले ही मोदी लहर को कितना प्रचारित कर ले किन्तु ये कहर जिन स्थानों पर है वे आज भी आम जनता के घरों से आस-पास से बहुत दूर हैं क्योंकि अभी जनता में इतनी संचार क्रांति नहीं है कि वह बैठकर इनकी वेबसाइट ही देखती रहे और सच्चाई को महसूस न कर सके और मीडिया के यह भ्रामक प्रचार ये तो साबित कर ही रहे हैं कि आखिर मीडिया के पास मोदी के पक्ष और कांग्रेस के विपक्ष के लिए इतना पैसा कहाँ से आ रहा है सभी जान गए हैं और स्वयं मीडिया इसका प्रचार कर रहा है तो जनता भी जानती है कि ये सब वही कॉर्पोरेट घरानों की कारगुज़ारी है जो मोदी को प्रधानमंत्री बनाकर अपना उल्लू सीधा करना चाह रहे हैं और मीडिया उनके हाथों बिक गया है .
  
शालिनी कौशिक
[कौशल ]

7 टिप्‍पणियां:

कालीपद प्रसाद ने कहा…

लेख मे काफी सचाई है !

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
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आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल सोमवार (28-04-2014) को "मुस्कुराती मदिर मन में मेंहदी" (चर्चा मंच-1596) पर भी होगी!
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हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

Neeraj Kumar ने कहा…

सुन्दर लेखन.. यद्यपि यह लहर इतनी भी भ्रामक एवं आधारहीन नहीं है ...

Anita ने कहा…

सत्यमेव जयते

मन के - मनके ने कहा…


सही कहा आपने.

मन के - मनके ने कहा…


सही कहा आपने.

मन के - मनके ने कहा…


सही कहा आपने.

शत शत नमन शंकर दयाल शर्मा जी को

विकिपीडिया से साभार   आज जन्मदिन है देश के  नौवें राष्ट्रपति  डाक्टर शंकर दयाल शर्मा जी का और वे सदैव मेरे लिए श्रद्धा के पात्र रहेंगे...