रविवार, 10 अक्तूबर 2010

indira-stri shakti

मेरा रोज़ दो अख़बार पढने का क्रम है.हिंदी का हिंदुस्तान ओर अमर उजाला.दोनों में ही ऐसे लेख छापते हैं जिन्हें पढ़े बिना सुबह की चाय नहीं पी जाती .आज हिंदुस्तान ने navratra  के उपलक्ष्य में स्त्री शक्ति पर लेख प्रकाशित किया .जिसमे इंदिरा जी को स्त्री शक्ति का प्रतीक बताया.सही लिखा हे आखिर इंदिरा जी की शक्ति ही थी जो आज भी उन्हें प्रासंगिक बनाती है.भारत जैसा देश जहाँ स्त्री को पूजनीय दर्जा प्राप्त है वहां देश के प्रधानमंत्री पद पर मात्र एक महिला का चयनित होना यहाँ की रूढ़िवादिता को प्रदर्शित करता है.इंदिरा जी के समान ही भारत में बहुत सी स्त्रियाँ हैं जो परिस्थितियों से लड़कर अपने परिवार का निर्माण करती हैं और सारी जनता के समक्ष आदर्श प्रस्तुत करती हैं.सरकार ने ऐसी प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए जो प्रयत्न किये हैं वे अच्छे हैं किन्तु नाकाफी हैं.सरकार को उन्हें आगे लाने के लिए पुरूष वर्ग पर कुछ प्रतिबन्ध भी लगाने होंगे अन्यथा महिलाओं का आगे बढ़ना मुमकिन नहीं है क्योंकि हर महिला का भाग्य इंदिरा जी जैसा नहीं होता जिन्हें पारिवारिक माध्यम से आगे बढ़ने का अवसर मिला ओर अपने दिमाग से देश को शासित करने का मौका मिला.इंदिरा जी ने अपनी योग्यता से देश को अच्छा प्रशासन दिया यदि मान्य महिलाओं को ऐसे अवसर मिलाएँ तो वे भी उनके पदचिह्नो पर चलकर दिखा सकती हैं.

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