रविवार, 17 अक्तूबर 2010

vijaydashmi aur women right-3

विजयदशमी का पर्व एक ऐसा पर्व जिसे पूरा राष्ट्र हर्षो-उल्लास से माना रहा है किन्तु क्या कोई एक भी चाहता है कि इसके पीछे छिपे लक्ष्य पर भी लोगों का ध्यान केन्द्रित हो और लोग इसके आदर्श को जीवन में उतारें .भगवान राम ने पाप,असत्य अत्याचार के समूल नाश और अखिल विश्व में स्त्री सम्मान कि स्थापना के लिए यह युद्ध लड़ा और अपने आदर्शों की स्थापना के लिए अपने समस्त जीवन को जन हितार्थ समर्पित किया किन्तु आज के युग में राम कि पूजा तो हम करते हैं लेकिन जहाँ तक उनके आदर्शों पर चलने कि बात है तो मात्र शून्य दिखाई देता है स्त्रियों कि सुरक्षा खतरे में है और उनका खुद समर्थ होना आज बेहद आवश्यक हो गया है.इसी कारण में रोज़ कानून कि कुछ धाराओं के विषय में बताकर उनका मार्गदर्शन करना चाहती हूँ .इसी कड़ी में आज भा.द. सहिंता कि कुछ और धाराएं प्रस्तुत हैं....
५-धारा ३६६-क के अनुसार जो कोई १८ वर्ष से कम आयु कि लड़की को सम्भोग हेतु विवश या उत्प्रेरित करेगा वह १० वर्ष तक के कारावास व जुर्माने से दंडनीय होगा.
६-धारा ३६६ख के अनुसार विदेश से या जम्मू-कश्मीर से सम्भोग हेतु विवश करने हेतु २१ वर्ष से कम आयु की लड़की का आयात करने पर भी १० वर्ष के कारावास का प्रावधान है.
७-धारा ३७२-३७३ में वैशयाव्रती हेतु किसी अवयस्क लड़की को खरीदने बेचने पर भी १० वर्ष के कारावास का प्रावधान है.
आगे kal....

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