मंगलवार, 12 अक्तूबर 2010

sachin-a great indian

भारत को विश्व में एक सभ्य देश का दर्जा प्राप्त है किन्तु एक व्यवहार ने वास्तव में भारत का सर शर्म से झुकाया है और वह व्यवहार है योग्यता को पीछे धकेलने में बढती सक्रियता.यहाँ इस कार्य के लिए बड़े-बड़े षड़यंत्र रचे जाते हैं.सचिन जैसे प्रतिभाशाली क्रिकेटर को रोकने के लिए भी बड़े दुष-प्रयत्न किये गए हैं.अब यह तो सचिन का भाग्य कहा जाये या सचिन के सर पर भगवान का हाथ की सचिन ने इन कठिनाइयों को पछाड़ते हुए निरंतर देश का नाम ऊँचा किया है. ४९वे टेस्ट शतक को बनाकर सचिन ने अपने आलोचकों का मुह फिर से बंद किया hai .सचिन से बार-बार सन्यास की मांग करने वालों के मुह पर यह करारा तमाचा है.किसी शायर ने शायद उन्ही की तरफ से ऐसा लिखा है-
"तुम्हारे हर सितम पर मुस्कुराना हमको आता है,
लगाओ आग पानी में बुझाना हमको आता है."
                  ४९वे टेस्ट शतक की बधाई के साथ ५०वे एस्ट शतक के लिए अग्रिम shubhkamnayein.

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