मंगलवार, 18 मार्च 2014

मंज़िल मिलेगी अवश्य .

 
प्रतीक्षा 
धैर्य 
विश्वास  
मंज़िल मिलेगी अवश्य !
भगवान    
के कर्म 
मनुष्य की भलाई 
हर काम 
हर बात 
का समय निश्चित 
फिर कर्म की 
पुण्य की 
क्या महत्ता ?
जीवन की 
दशा 
दिशा 
भाग्य पर निर्भर,
भाग्य 
प्रारब्ध का फल !
इस जन्म के कर्म 
अगले जन्म का 
भाग्य !
मोक्ष 
उस आत्मा को 
जो 
पाप-पुण्य से परे !
मोक्ष की आकांक्षा 
की 
गयी 
आत्मा फिर 
घिरी 
पाप-पुण्य के जाल में ,
फिर 
चाहत से 
कुछ नहीं 
अनचाहा मन 
रहे नहीं ,
रहे मात्र 
प्रतीक्षा 
धैर्य 
विश्वास 
मंज़िल मिलेगी अवश्य .

शालिनी कौशिक 
    [कौशल ]

5 टिप्‍पणियां:

shikha kaushik ने कहा…

THAT IS THE WAY TO LIVE LIFE LIVELY .VERY NICE EXPRESSION OF FEELINGS .

Yashwant Yash ने कहा…

बहुत ही बढ़िया।

होली की हार्दिक शुभकामनाएँ !


सादर

Yashwant Yash ने कहा…

आदरणीया शालिनी जी,
मुझे आप से कुछ व्यक्तिगत सलाह लेनी है। अतः कृपया अपनी ई मेल आई डी से एक टेस्ट मेल yashwant009@gmail.com पर भेज दें जिससे आप से संपर्क करने मे आसानी रहेगी।


सादर

सुरेन्द्र "मुल्हिद" ने कहा…

beautiful

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

ध्येय अवश्य मिलेगा।

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