रविवार, 30 मार्च 2014

हाथ करें मजबूत

BJP recalls Rajiv Gandhi's speech as inspiring, dismisses Rahul'sकेजरीवाल पर साधा निशाना

सरकार चलाना कोई बच्‍चों का खेल नहीं है: सोनिया गांधी



भावनाएं वे क्या समझेंगे जिनकी आत्मा कलुषित हो ,
अटकल-पच्चू  अनुमानों से मन जिनका प्रदूषित हो .
.....................................................................
सौंपा था ये देश स्वयं ही हमने हाथ फिरंगी के ,
दिल पर रखकर हाथ कहो कुछ जब ये बात अनुचित हो .
.......................................................................
डाल गले में स्वयं गुलामी आज़ादी खुद हासिल की ,
तोल रहे एक तुला में सबको क्यूं तुम इतने कुंठित हो .
..............................................................................
देश चला  है प्रगति पथ पर इसमें मेहनत है किसकी ,
दे सकता रफ़्तार वही है जिसमे ये काबिलियत हो .
..........................................................................
अपने दल भी नहीं संभलते  कहते देश संभालेंगें ,
क्यूं हो ऐसी बात में फंसते जो मिथ्या प्रचारित हो .
.......................................................................
आँखों से आंसू बहने की हंसी उड़ाई जाती है ,
जज्बातों को आग लगाने को ही क्या एकत्रित हो .
...................................................................
गलती भूलों  से जब होती माफ़ी भी मिल जाती है ,
भावुकतावश हुई त्रुटि पर क्यूं इनपर आवेशित हो .
...........................................................................
पद लोलुपता नहीं है जिसमे त्याग की पावन मूरत हो ,
क्यूं न सब उसको अपनालो जो अपने आप समर्पित हो .
........................................................................
बढें कदम जो देश में अपने करने को कल्याण सभी का ,
करें अभिनन्दन आगे बढ़कर जब वह समक्ष उपस्थित हो .
....................................................................
हाथ करें मजबूत उन्ही के जिनके हाथ हमारे साथ ,
करे ''शालिनी ''प्रेरित सबको आओ हम संयोजित हों .
....................................................
शालिनी कौशिक
[कौशल ]

3 टिप्‍पणियां:

J.L. Singh Singh ने कहा…

waah waah ! bahut sundar!

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया ने कहा…

वाह ! बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति...!

RECENT POST - माँ, ( 200 वीं पोस्ट, )

Anita ने कहा…

सच्चे देशभक्त का सम्मान होना चाहिए..सार्थक पंक्तियाँ !

संभल जा रे नारी ....

''हैलो शालिनी '' बोल रही है क्या ,सुन किसी लड़की की आवाज़ मैंने बेधड़क कहा कि हाँ मैं ही बोल रही हूँ ,पर आप ,जैसे ही उसने अपन...