शुक्रवार, 11 अक्तूबर 2013

सचिन के साथ न्याय नहीं हुआ .

  • Sachin Tendulkar
    Cricketer
  • Sachin Ramesh Tendulkar AM is an Indian cricketer widely acknowledged as one of the greatest batsmen in cricket. Wikipedia
  • आखिर सचिन ने संन्यास का फैसला कर ही लिया और करते भी क्या उस देश में जहाँ अंग्रेजों का अनुसरण होता है और ''यूस न थ्रो ''की नीति अपनाई जाती है .
    भारत वह देश है जहाँ सौर उर्जा की बाते की जाती हैं किन्तु जहाँ तक पूजने की बात है तो पूजन मात्र उगते हुए सूर्य का ही किया जाता है .ऐसे ही जब खेल की नैया डूबती है तो सभी की आँखें मात्र सचिन को ढूंढती हैं किन्तु वैसे हरेक जिह्वा ये कह उठती है कि अब सचिन को संन्यास ले लेना चाहिए .आखिर ये सचिन हो या कोई और खिलाडी का व्यक्तिगत मामला है कि वह संन्यास ले या न ले .उसे टीम में रखने न रखने का अधिकार बी.सी.सी.आई का है फिर इसमें बाहर के लोगों को इस कदर बोलने का अधिकार क्यूं मिला हुआ है ?
    भारत में केवल एक कर्मक्षेत्र ही ऐसा है जिसमे न कोई योग्यता चाहिए और न ही बाहर होने का कोई निश्चित समय .जो जितने लम्बे समय तक जनता का पागल बना सकता है यहाँ टिका रह सकता है और कोई भी खेल हो वहां भी कोई कुछ नहीं कहता किन्तु क्रिकेट जिसकी लोकप्रियता विश्वनाथ आनंद जैसे बुद्धिमान शतरंग खिलाडी को भी क्षुब्ध कर देती है उसके बारे में हर किसी को अभिव्यक्ति का अधिकार मिला है .
    अब या तो यहाँ वोट सिस्टम लागू कर देना चाहिए ताकि जिस खिलाडी को जनता चाहे उसे ही खेलने का अवसर प्राप्त हो या फिर ये मात्र विभाग के ऊपर ही रहने देना चाहिए अन्यथा सचिन जैसी योग्यता को अनचाहे ही और देश का इतना नाम रोशन करने के बावजूद स्वयं को अंधेरों में धकेलना पड़ेगा और ऐसा हमारी आने वाली योग्यताओं के लिए कोई आदर्श उदाहरण नहीं कहा जा सकता .
    शालिनी कौशिक
    [कौशल ]

    3 टिप्‍पणियां:

    कविता रावत ने कहा…

    अब या तो यहाँ वोट सिस्टम लागू कर देना चाहिए
    .लेकिन पहले तो सिस्टम बनाने में ही कई साल गुजर जायेंगे और फिर लागू करने में और फिर लागू हुआ तो वह सिस्टम सिस्टम भर रह जाता है ..देखते तो हम इतने सिस्टम ..
    फ़िलहाल मैं आपकी बात से सहमत हूँ ...

    धीरेन्द्र सिंह भदौरिया ने कहा…

    रिटायरमेंट लेने का निर्णय खुद सचिन का है...!
    नवरात्रि की शुभकामनाएँ ...!

    RECENT POST : अपनी राम कहानी में.

    Darshan jangra ने कहा…

    बहुत सुन्दर प्रस्तुति.. आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी पोस्ट हिंदी ब्लॉग समूह में सामिल की गयी और आप की इस प्रविष्टि की चर्चा - रविवार - 13/10/2013 को किसानी को बलिदान करने की एक शासकीय साजिश.... - हिंदी ब्लॉग समूह चर्चा-अंकः34 पर लिंक की गयी है , ताकि अधिक से अधिक लोग आपकी रचना पढ़ सकें . कृपया पधारें, सादर .... Darshan jangra


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