भोपाल से अहमदाबाद आते-आते मिट गई दूरियां!-कितनी सबने देखी

भोपाल से अहमदाबाद आते-आते मिट गई दूरियां!-कितनी सबने देखी
Gujarat Chief Minister and BJP PM Candidate Narendra Modi with senior BJP leader LK Advani
भाजपा में आजकल बहुत जोश है और बहुत शान से ये मोदी के झंडे तले २०१४ के चुनाव जीतने की होड़ में लगे हैं किन्तु बड़ा अफ़सोस होता है कि भगवन राम के नाम को लेकर सत्ता हासिल करने वाले और आगे सत्ता हासिल करने के ख्वाब देखने वाले उनके जीवन से रत्ती मात्र भी प्रेरणा ग्रहण नहीं करना चाहते .
राम जिन्होंने अपने पिता द्वारा स्वयं युवराज पद पर अभिषिक्त किये जाने पर भी कद ऐतराज अभिव्यक्त किया था वहीँ यहाँ मोदी ने भाजपा के पितामह माने जाने वाले ''श्री लाल कृष्ण आडवानी ''जी को ही इस भूमिका में खड़ा कर दिया कि वे उनकी ताजपोशी का विरोध करें जबकि यहाँ मोदी का कर्तव्य एक आम भारतीय भली भांति जान सकता है और आकलन कर सकता है मोदी के लालच का .
आडवानी जी हमारी राजनीति के पुराने जानकार हैं और जानते हैं कि मोदी की स्वीकार्यता गुजरात के बाहर नहीं है और इसी कारण उन्होंने इनकी ताजपोशी का विरोध किया किन्तु ये मोदी हैं जिन्होंने अपनी हठधर्मिता के आगे उन्हें टिकने नहीं दिया और चक्रव्यूह की रचना कर उन्हें ही सारे में सत्ता लोभी घोषित करा दिया और बाद में स्वयं को सद्भावना रखने वाले बनकर उन्हें मनाने के प्रयास किये और सबके देखते देखते वे अपने इस कार्य में सफल भी हुए .आज आडवानी जी उनकी सभाओं में दिखाई दे रहे हैं और सारे में नमो-नमो का उच्चारण कर रहे हैं .सारे देश में एक आवाज़ गूँज रही है कि भाजपा एकजुट हो गयी है २०१४ चुनावों के लिए .और कहा जा रहा है कि भोपाल से अहमदाबाद आते आते घट गयी दूरियां जो कि कितनी घटी हैं सभी ऊपर के फोटो में देख सकते हैं .हमें तो आडवानी जी के मन की बात मोदी जी के लिए बस यही सुनाई देती है -
''आज माना कि इक्तदार में हो ,हुक्मरानी के तुम खुमार में हो ,
ये भी मुमकिन कि वक़्त ले करवट ,पाँव ऊपर हों सर तगार में हो.''
शालिनी कौशिक
[कौशल ]

टिप्पणियाँ

yah to hona hi tha akhir sabhi ek hi vansh ke hai aur yahi desh ke hit me hai.
वक्त सबकुछ बदल देता है.कहा जाता है न कि राजनीति में कोई स्थाई दोस्त या दुश्मन नहीं होता.
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भाजपा चाहे जितना जतन करे आडवानी और मोदी की आपसी दूरी ख़त्म नही कर सकती !और ये दूरी एक दिन जरूर रंग दिखायेगी,,,

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P.N. Subramanian ने कहा…
राजनीती में मोहरे बदलते रहते हैं

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